सफलता के लिए खुद पर विश्वास रखे-डॉ. निधि प्रजापति

डॉ. निधि प्रजापति

· प्रगति के प्रतीक पौधे पर बच्चों ने लिखे अपने सपने |

· अनमोल जीवन को खुलकर सकारात्मकता के साथ जियो |

कोटा | 17 मई 2019 | आज हर व्यक्ति को किसी न किसी प्रकार के तनाव से ग्रसित है सामाजिक, पारिवारिक, घरेलु, पढाई लिखाई, रोजगार, व्यवसाय आदि को लेकर जीवन में तनाव बना रहता जिसकी तीव्रता बढ़ने के कारण व्यक्ति हाइपर टेंशन का शिकार हो जाता है | ऐसे में विश्व हाइपर टेंशन दिवस के उपलक्ष में सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा मनु कैरियर इंस्टिट्यूट में 10 वीं और 12 वीं कक्षा में आये विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन सेशन में विद्यार्थियों को तनाव से मुक्त रखने के लिए मोटिवेशनल कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मोटिवेशनल एक्सपर्ट डॉ. निधि प्रजापति ने विद्यार्थियों को बताया की हमें जीवन में किसी प्रकार का तनाव नहीं लेना चाहिए न ही घबराना चाहिए | कठिनाइयाँ और परेशानियाँ व्यक्ति को मजबूत बनाने और परिस्थिति से लड़ना सिखाती है क्योंकि इस धरती पर ईश्वर की सबसे सुन्दर संरचना मनुष्य है क्योंकि वह सोच समझ सकता है और अपनी परेशानियों का समाधान अपनी तर्क शक्ति से कर सकता है | ईश्वर कभी भी व्यर्थ रचना नहीं करता इसलिए जो जीवन मिला है उसका सम्मान करना चाहिए क्योंकि वह अनमोल है उसे खुलकर, हसकर जीना चाहिए चाहे परिस्थितियां कैसे भी हो पर किसी भी परिस्थिति में तनाव या दबाव का शिकार नहीं होना चाहिए | इस दौरान जब बच्चों से प्रश्न किया गया की सफल होने के लिए किसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है तो एक विद्यार्थी ने कहा की भाग्य | इस पर डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की भाग्य या भगवान के भरोसे कभी नहीं बैठना चाहिए क्योंकि ये दोनों ही हमारे भरोसे बैठे होते है | व्यक्ति अपना भाग्य खुद बनता है जिसमें उसके आत्मविश्वास, सफलता के लिए कठिन परिश्रम, दृढ़ निश्चय, समाज समय का सदुपयोग, अनुशासन, एकाग्रता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का अहम् योगदान होता है | सफलता के लिए अपने आपको समझना चाहिए जिसमें अनुशासन नितांत जरुरी है और अनुशासित रहने के लिए विद्यार्थी को अपनी ताकत, कमजोरियाँ , अच्छाईयां , बुराइयाँ, अवसर और चुनौतियों का विश्लेषण कर लेना चाहिए | अपनी शैक्षणिक कमजोरियों को धीरे धीरे अपने मेंटर, शिक्षक से मिल कर, एक्स्ट्रा क्लासेज, डाउट क्लासेज में डिस्कस करके सकारात्मक रहते हुए जो अवसर मिलें उनमें से श्रेष्ट अवसर को चुने | कार्यशाला के अंत में बच्चों ने आई ए एस, आई पी एस, डॉक्टर, इंजिनियर, टीचर, वकील, पाइलेट, सैनिक, डांसर, आर्टिस्ट आदि के रूप में अपने आगामी सपने कार्ड पर लिख कर प्रगति का प्रतीक पौधे पर लिखे और वादा किया की हम जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त करने के बाद पुन: वापस आकर इस कार्ड को लेकर जायेंगे | इस अवसर पर डायरेक्टर राजेंद्र गुप्ता ने धन्यवाद देते हुए कहा की प्रारंभ से ही यदि बच्चों को उनके लक्ष्य के प्रति समर्पित और सही मार्ग दिखा दिया जाये तो बच्चे वर्ष पर्यंत पॉजिटिव वातावरण में रह कर अध्ययन करते है |

सफलता के लिए खुद पर विश्वास रखे-डॉ. निधि प्रजापति

सफलता के लिए खुद पर विश्वास रखे-डॉ. निधि प्रजापति

सफलता के लिए खुद पर विश्वास रखे-डॉ. निधि प्रजापति
Share