- शिक्षा की डिबियां खुलेगी जरूरतमंद विद्यार्थियों की किस्मत
- सिंघानिया स्कूल ने विद्यालय के अंतिम दिन दिए खुशियों गिफ्ट |
- स्टेशनरी बैंक के लिए सिंघानिया स्कूल के बच्चों ने दान में दी हजार किताबें |
कोटा | 11 मई 2018 | सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड, यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया, स्काउट गाइड, चाइल्डलाइन एवं नेहरु युवा केंद्र संगठन के सहयोग से सुविधा विहीन विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने एवं उन्हें संसाधन युक्त शिक्षा देने के उद्देश्य से जो स्टेशनरी बैंक प्रारम्भ किया गया उसमें शुक्रवार सर पदमपत सिंघानिया स्कूल ने अपना अतुलनीय योगदान दिया | विद्यालय के प्रिंसिपल प्रवीण कुमार ने ट्रस्ट के धन्यवाद देते हुए कहा की बच्चों में दूसरों की जीवन में खुशियाँ लाने एवं दान देने की भावना विकसित करने में संस्था द्वारा किये गए प्रयास अतुलनीय है | हमारे समाज में बच्चों में ऐसे संस्कार बच्चों में डालने की अति अवश्यकता है बच्चों के द्वारा दिए गया दान से ऐसे विद्यार्थियों की मदद होगी जो शैक्षणिक सामग्री के आभाव के कारण या तो शिक्षा छोड़ देते है या मन लगाकर पढ़ते नहीं | वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रोजेक्ट कन्वीनर नीतू मेहता भटनागर ने विद्यार्थियों को बताया की हमारे आस पास ऐसे हजारों बच्चे है जो पढ़ना चाहते है परन्तु शैक्षणिक सामग्री के अभाव में वे शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते, आपके द्वारा दी गई स्टेशनरी किसी जरूरतमंद बच्चे के जीवन में शिक्षा की अलख जगाएगी | प्रोजेक्ट स्कूल समन्वयक सोनी नेहलानी ने कहा की स्टेशनरी बैंक के सहयोग से शिक्षित समाज की स्थापना होगी | इस अवसर पर वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड की सांस्कृतिक समन्वयक शोभा कँवर एवं जिला कोषाध्यक्ष तारा श्रेष्ठा, उप प्राचार्य मोनिका पालीवाल, सांस्कृतिक समन्वयक रजब अली एवं प्रिंसिपल क्लब की संयोजक हरविंद बेदी सहित संगीता, मनीषा, जोसी आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रही |
- स्टेशनरी बैंक


