हर गाय को प्रतिदिन कम से कम 50 रूपए का हरा चारा मिले : डॉ. अखिलेश पांडेय

· मदर्स डे पर किया गौमाता सम्मान और गौ गोष्ठी

· गौ माता के साथ मनाया मदर्स डे

· हर गाय को प्रतिदिन कम से कम 50 रूपए का हरा चारा मिले : डॉ. अखिलेश पांडेय @akhilesh panday

  • कोटा | 10 मई 2026 | मदर्स डे पर सोसाइटी हैस ईव शी इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा बोरखंडी स्थित वीर तेजा जी मंदिर के समीप एवं बारां रोड पर लगभग 100 गौ माताओं के साथ मदर्स डे मनाया गया जिसमे गायों को हरा खिलाया गया और बोरखंडी में गाँव वालों के साथ गौ गोष्ठी की गयी | सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की सनातन धर्म में गाय को माँ का दर्जा दिया है तैतीस कोटि देवताओं का वास उसमें मन गया है लेकिन देश में सबसे ज्यादा दुर्गति अगर किसी पशु की हो रही है तो वो गाय ही है वह यहाँ-वहाँ लाठी, डंडे, प्लास्टिक खाती हुई नजर आती है साथ ही आवारा पशुओं की तरह रोड पर मर जाती है जिसके लिए सरकार को व्यापक गौ विभाग बना कर उनके लिए गौ आयोग बनाकर गौ माता की सुरक्षा और संरक्षण करना चाहिए | इस मौके पर डॉ. अखिलेश पांडेय वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग की अध्यक्षता में वह उपस्थित गाँव वालो को गायों के उत्तम स्वास्थ्य, टीके, चोटों को ठीक करने के घरेलु उपाए और उन्हें होने वाले रोगों की जानकारी दी साथ ही बताया की अब सिर्फ केल्ड़ी पैदा करने वाला सीमन भी उपलब्ध है जिससे आने वाले समय में सिर्फ फीमेल गाय ही जन्म लेगी | डॉ. अखिलेश पांडेय ने बताया की प्रतिदिन हर गाय को कम से कम 50 रूपए का हरा चारा खिलाना चाहिए साथ नमक भी खिलाना चाहिए इससे उसका स्वास्थ्य सही रहेगा इससे वो अन्य वस्तुएं विशेष रूप पोलीथिन का सेवन नहीं करेगी | उन्होंने बताया की जिस भी गाय के आँखों के पास से आंसू बहते दिखे या आंख के पास पर काली धारी दिखाई दी तो समझ जाना की वह भूख और प्लास्टिक के कारण आंतों में संक्रमण की वजह से अन्दर से बहुत पीड़ा में है उसका गर्भस्थ बच्चा भी स्वास्थ्य नहीं है | इस अवसर पर यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष गौरव भटनागर, वीमेन वेलफेयर आर्गेनाईजेशन ऑफ वर्ल्ड की अध्यक्षा नीतू मेहता, सचिव सोनी नेहलानी और अखिल भारतीय कौशिक गायत्री परिवार के यज्ञ दत्त हाडा, जवाहर मार्केट के अध्यक्ष भुवनेश बबलानी, राकेश पुरुस्वानी, घनाक्षी अरविन्द, नेत्रा प्रजापति, केनिशा अरविन्द की उपस्थित और योगदान उल्लेखनीय रही |
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