अभिश्राप ना समझे मासिक धर्म को

अभिश्राप

प्रेस विज्ञप्ति

ईश्वर द्वारा प्रदत्त सृष्टि निर्माण का आशीर्वाद है मासिक धर्म: निधि प्रजापति

अभिश्राप ना समझे मासिक धर्म को : रीना खंडेलवाल

ईश्वर ने महिलाओं को हर माह रक्तदान करने की शक्ति है |

कोटा | 13 सितम्बर, 2016 | सोसाइटी हैज ईव (शी) इंटरनेशनल ट्रस्ट के माध्यम से “ मासिक धर्म जागरूकता ” विषय पर कार्यशाला का आयोजन रावतभाटा रोड स्थित रूडसेट में आवासीय कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही सांगोद, इटावा, पीपल्दा, लुहावदा, सुल्तानपुर, दीगोद, उमेदपुरा, चंदबावड़ी व लाडपुरा की लड़कियों के लिए किया गया | कार्यशाला का प्रारंभ सोसाइटी हैज ईव (शी) की अध्यक्ष निधि प्रजापति ने किया उन्होंने उपस्थित लड़कियों को मासिक धर्म का अर्थ, मासिक धर्मं होने का कारण, इसके लाभ और महीनों के उस समय रखी जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया गया | बालिकाओं को सदैव कॉटन के सनेट्री नेपकिनों या मेडिकल कॉटन का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि बाजार में उपलब्ध काफी अच्छे ब्रांडेड सनेट्री नेपकिनों में भी प्लास्टिक की मात्रा इतनी अधिक मात्रा में होती है की उनके प्रयोग से महिलाओं और लड़कियों को खुजली, जलन, सर्विकल कैंसर, यूट्रस कैंसर जैसी हानिकारक बिमारियाँ हो जाती है | उन्होंने बताया की पृथ्वी में सबसे बड़ा दान रक्तदान माना जाता है क्योंकि वो किसी इंसान की जान बचा सकता है और ईश्वर ने महिलाओं को हर माह रक्तदान करने कि शक्ति इंसान को जन्म देने के लिए प्रदान की है | कोषाध्यक्ष रीना खंडेलवाल ने मासिक धर्म को लेकर समाज में फैले भ्रमों पर प्रकाश डालते हुआ कहा की यदि असम की कामाख्या माता को पूजा जा सकता है तो महिलाओं को क्यों समाज में फैले अतार्किक और व्यर्थ के रीतिरिवाजों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है | उन्होंने बताया की बताया की भगवान क्योंकि सम्पूर्ण सृष्टि की संरचना स्वयं नहीं कर सकते थे इसलिए उन्होंने नारी की संरचना की और यदि कोई किसी लड़की को मासिक धर्मं न आते हो तो वह लड़की कभी प्राकृतिक रूप से माँ भी नहीं बन सकती | अंत में रूडसेट के प्रबंधक मूलचंदानी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा की ऐसे कार्यक्रम समाज में होते रहने चाहिए किया |

सादर प्रकाशार्थ प्रेक्षित निधि प्रजापति

सम्पादक महोदय अध्यक्षा 8107770920

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