राष्ट्रगान, केक और दीप से मनाया ओलंपिक्स की सफलता का जश्न
भारत के ओलंपिक्स में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का जश्न
121 वर्षों के इंतज़ार के अंत का जश्न
कोटा | 8 अगस्त 2021 | जब से ओलंपिक्स खेलों की शुरुआत हुई है तब से भारत फील्ड एंड ट्रैक गेम्स में गोल्ड के इंतज़ार में रहा जिसे इस बार भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने गोल्ड जीत कर समाप्त कर दिया | ओलंपिक्स खेलों में 121 वर्षों के इंतज़ार फील्ड एंड ट्रैक में मिले गोल्ड मैडल का जश्न सोसाइटी हैस ईव शी इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा कोटा बेराज पर टोकियो ओलंपिक्स समापन के दिन राष्ट्रगान जन गण मन गाकर, केक काटकर व आगामी पेरिस ओलंपिक्स में भारत की सफलता के लिए दीप जलाकर ट्रस्टी व खिलाड़ी रही डॉ. निधि प्रजापति, राष्ट्रीय स्तर की खिलाडी ज्योति भदोरिया, जेवलिन थ्रोअर अन्नू जोशी राजोरिया, हॉकी खिलाडी कविता शर्मा, रीना खंडेलवाल, राजलक्ष्मी, विजय निगम ने उपस्थित आमजन के साथ मिलकर मनाया गया | ट्रस्टी डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की देश के लिए अत्यंत गर्व का स्वर्णिम पल है जब हमारे देश के खिलाडियों ने ओलंपिक्स में अपना सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन कर 7 मैडल 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 4 कांस्य पदक अपने नाम किये | इससे पहले केवल 2-3 पदकों से ही संतुष्टि करनी पड़ती थी, 2012 लन्दन ओलंपिक्स में भी 6 ही पदक मिले थे लेकिन इस बार हमारे खिलाडियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए देश का नाम रोशन किया है | ज्योति भदोरिया ने कहा की देश में आये इन पदकों से नवांकुर खिलाडियों का बहुत मनोबल बढेगा साथ ही वे भी देश के लिए पदक लेन के लिए प्रेरित होंगे | जेवलिन थ्रोअर अन्नू जोशी ने बताया की बहुत से विद्यार्थियों की रूचि एथलेटिक्स के इवेंट भी बढेगी आज हालत ये है की हमारे देश के ही युवाओं और बहुत से खिलाडियों को एथलेटिक्स इवेंट्स की जानकारी नहीं है | व्यक्तिगत श्रेणी की खेल स्पर्धाओं में युवाओं में जागरूकता आएगी | अपने विद्यालय जीवन में हॉकी की खिलाडी रही कविता शर्मा ने बोला की हॉकी में 41 साल में आये कांस्य पदक और महिलाओं के विश्व में चौथे स्थान पर आने से हॉकी को नया जीवन दान मिला है अब बच्चों और लड़कियों की रूचि भी हॉकी में बढेगी | नाबार्ड के जिला समन्वयक अधिकारी विजय निगम ने कहा की यदि सरकार के द्वारा खिलाडियों को उत्तम सुविधाएं और ग्राउंड उपलब्ध कराया जाये तो हम अगले पेरिस ओलंपिक्स में और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते है | रीना खंडेलवाल और राज लक्ष्मी ने कहा की इन पदकों से आज के बच्चे अपने आप को भविष्य में अच्छे खिलाडी के रूप में देख सकेंगे और खेल को ही अपने कैरियर के रूप में चयनित कर सकते है क्योंकि आज भी अधिकांश माता-पिता खेल को कैरियर के रूप में चुनने नहीं देते | अंत में वहां उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर देश की सफलता में राष्ट्रगान, ये देश है वीर जवानों का गीत गाते हुए नाचते हुए भारत माता की जय, भारतीय खिलाडी जिंदाबाद के नारे लगाये |





