कलाम जी की याद में लगाया गया पवित्र कल्पवृक्ष•
पुष्पों की रंगोली बना दी श्रद्धांजलि •
भीतरिया कुण्ड के शिव मंदिर में लगाये कलाम जिंदाबाद के नारे •
भीतरिया कुण्ड में मनाई गई डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती •
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की छठी पुण्यतिथि पर वृक्षारोपण व श्रद्धांजलि
|कोटा | 27 जुलाई 2021 | छ वर्ष पूर्व युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए शिलोंग में इस देश के ही नहीं अपितु विश्व के युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत, साइंटिस्ट, कर्मठ और आम इंसान के राष्ट्रपति श्री डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का निधन हो गया था उन्ही की पुण्यतिथि के अवसर पर सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल ट्रस्ट के द्वारा डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की छठी पुण्यतिथि के अवसर भीतरिया कुण्ड स्थित शिव मंदिर परिसर महिला सेवा भावी संस्था के साथ पुष्पों से कलाम जी रंगोली बना कर श्रद्धांजलि दी गई साथ ही उनकी याद में हर वर्ष की तरह कल्प वृक्ष का पौधारोपण कर मंदिर परिसर में अब्दुल कलाम वाटिका की स्थापना की गई | कार्यक्रम के संयोजक डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की प्रतिवर्ष कलाम जी की पुण्यतिथि पर 1 कल्पवृक्ष लगाया जाता है और आपको बताते हुए ये बहुत ख़ुशी हो रही है की अब तक लगाये गए पांचों कल्प वृक्ष हरे भरे एवं स्वस्थ है | संस्था द्वारा केवल कल्प वृक्ष ही इसीलिए लगाया जाता है क्योंकि राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए भी पर्यावरण संरक्षण, जल, जमीन और जंगल की सुरक्षा के लिए अद्भुद और अद्वितीय कार्य किये जिसे कल्प वृक्ष लगाकर ही पूर्ण किया जा सकता है | अब्दुल कलाम जी जैसे व्यक्तित्व युगों में जन्म लेते है, वे व्यावहारिक शिक्षा के आधुनिक प्रणेता थे उन्होंने सदैव विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज देने की बात कही| कलाम साहब चरित्रवान युवाओं के दिलो में बसते है उनका सम्पूर्ण जीवन प्रेरणादायक, अनुकरणीय व पूजनीय है | देश की युवा पीढ़ी उनके कदमों पर चले तो इस देश सूरत व सीरत दोनों में निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन आएगा | कलाम जी की पुण्यतिथि पर कल्पवृक्ष लगाने से बड़ा कोई सेवा कार्य नहीं हो सकता क्योंकि उन्होंने युवाओं को सपने देखने की कला सिखाई और सभी नदियों को जोड़ने का आग्रह किया | उन्होंने अपने राष्ट्रपति के कार्यकाल में सबसे कम व्यय किया | मंदिर परिसर में कल्पवृक्ष की देखभाल की जिम्मेदारी महिला सेवाभावी संस्था की संरक्षक भावना शर्मा ने लेते हुए कहा की कलाम जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया की किस तरह राष्ट्रपति हुते हुए भी बेहद सादगी पूर्ण जीवन बिताते हुए भारत एवं विश्व में कीर्तिमान स्थापित किया | वो और उनकी संस्था सदा इस दिव्य वृक्ष की कलाम जी का प्रतिरूप मानकर रक्षा और देख भाल करेंगी | इस दौरान पार्षद प्रदीप कसाना ने शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. अब्दुल कलाम जी के जीवन का महत्त्व बताते हुए कहा की कलाम जी सदैव विज्ञानं और तकनीक ने प्रेरणा स्त्रोत रहे इसलिए लोगों को भी अपने जीवन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और आज के इस कोरोना के दौर में वैक्सीन पर विश्वास करके अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए | इस अवसर पर सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल ट्रस्ट की राज लक्ष्मी, रीना खंडेलवाल, ज्योति भदोरिया, महिला सेवा भावी संस्था की मेहनाज पटेल, ज़ेबा पटेल, नाबार्ड के जिला समन्वयक अधिकारी विजय निगम प्रेरणा सेवा संस्थान की निदेशक कविता शर्मा, हनी सक्सेना, नितेश पारीक, टीना मीणा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर सांप्रदायिक सद्भावना, समरसत्ता और राष्ट्रीय एकता की मिसाल डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम जी अमर रहे, कलाम साहब जिंदाबाद के नारे लगाये |





