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कोटा | 02 मई 2022| पिछले दो सालों से पूरा सम्पूर्ण विश्व कोरोना की महामारी का दंश झेल रहा है | दिन प्रतिदिन आने वाले आकडे आम जन को कोरोना से डराते है ऐसे में जिस वर्ग ने देश की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को अपने कन्धों पर उठाया वे है युवा | युवाओं की कोरोना काल में देश के प्रति निभाई गई भूमिका के सम्बन्ध में सोसाइटी हैस ईव-शी इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा युवाओं के लिए राष्ट्रीय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की इस निबंध प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य कोरोना काल में युवाओं के द्वारा समाज में दिए जा रहे योगदान को उजागर करना रहा | निबंध प्रतियोगिता में देश के 8 राज्यों से कुल 663 निबंध प्राप्त हुए जिसमें मिस्बाह गौरी ने प्रथम, शिवानी चौधरी ने द्वितीय, गुल्फ्शा ज़ारिफ ने तृतीय और माया कुमारी मेघवाल ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया | विजेताओं का पुरस्कार वितरण समारोह गिरी क्रिकेट अकादमी पर किया गया जिसमें मुख्य अतिथि समाज सेवा को समर्पित यज्ञ दत्त हाडा एवं विशिष्ट अतिथि राजस्थान के एक मात्र आईसीसी से प्रमाणित लेवल 2 कोच सुनील गिरी रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य सितारा गिरी व कोशिश एक संस्था के निदेशक पंकज शर्मा के द्वारा की गई | इस दौरान संस्था की ट्रस्टी डॉ. निधि प्रजापति ने कहा की हमारा देश कोरोना की जंग सिर्फ इसलिए जीत पाया क्योंकि देश के युवाओं ने इस संकट की घड़ी में अपने आप को सकारात्मक रखा, वही मुख्य अतिथि यज्ञ दत्त हाडा ने विजेताओं को संबोधित करते हुए कहा की कोरोना काल की विकराल परिस्थितियों में युवाओं ने ही संभाला देश की जिम्मेदारी अपने हाथों ली | विशिष्ट अतिथि सुनील गिरी ने अपने संबोधन में कहा की सभी युवाओं को अपने साथ साथ अपने परिवार जन और आस-पड़ौस वाले के स्वास्थ्य पर ध्यान रखते हुए देश में स्वस्थ रखना में अपना योगदान देना चाहिए | इस अवसर पर नाबार्ड के जिला समन्वयक विजय निगम, एक्सीलेंट लॉ कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रियंका कुलदीप सैनी, राष्ट्रीय स्तर की सेल्फ डिफेन्स ट्रेनर ज्योति भदोरिया, रीना खंडेलवाल, राज लक्ष्मी सिंह और कई खिलाड़ी मौजूद रहे आदि सदस्य उपस्थित रहे | प्रतियोगिता की संयोजक रीना खंडेलवाल व ज्योति भदोरिया ने बताया की प्राप्त निबंधों में युवाओं ने अपने विचारों में वास्तविक धरातल पर किये गए कार्यों को बेहद रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किये | निबंधों में युवाओं ने बताया की कैसे युवाओं के समूह, डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी, समाजसेवी समाज के गरीब और वांछित वर्ग की लोगों की सेवा के लिए रात दिन लगे रहे, लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सरकार के द्वारा दी गई गाइडलाइन की पालना करने, मास्क लगाने, बार-बार हाथ धोने, अनावश्यक बाहर न जाने और पॉजिटिव रहने के लिए प्रेरित कर रहे थे | कोई कही बना बनाया खाना वितरित कर रहे थे, तो कई राशन के पैकिट बांट रहे | कोई दवाइयाँ तो, कोई बीमारों को ऑक्सीजन सिलेंडर व रक्त की व्यवस्था करा रहे थे और जिन शवों को उनके परिवारजनों ने कोरोना के डर से छूने और उनके अंतिम संस्कार करने तक से मना कर दिया था उनका अंतिम संस्कार भी युवाओं ने अपने स्तर पर किया ताकि मानव जीवन का अंतिम सफर सम्मान से पूरा किया जा सके |





