स्ट्रेस मैनेजमेंट ऑफ स्टूडेंट्स किताब का विमोचन
महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने किया किताब का विमोचन
बच्चों के तनाव को दूर करने के लिए अच्छी किताबों का सर्जन जरुरी : मंत्री ममता भूपेश
विद्यार्थियों के तनाव को दूर करने के लिए डॉ. निधि प्रजापति ने लिखी किताब
कोटा | 6 फरवरी 2021 | कोटा में कोचिंग के लिए आ रहे बच्चों के तनाव को कम करने और आत्महत्या को रोकने के लिए कोटा राजस्थान की सोसाइटी हेज ईव इन्टरनेशनल ट्रस्ट की ट्रस्टी निधि प्रजापति और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कीर्ति सिंह के द्वारा लिखित एवं वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर एल गोदारा द्वारा एडिटेड बुक ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट ऑफ स्टूडेंट किताब का विमोचन महिला बाल विकास मंत्री राजस्थान सरकार ममता भूपेश ने सर्किट हाउस में किया | पुस्तक विमोचन की मुख्य अतिथि श्री मती ममता भूपेश ने किताब की बधाई देते हुए कहा की बच्चों के तनाव को दूर करना बहुत जरुरी है और इसके लिए अच्छी किताबों का सर्जन व सकारात्मक गतिविधियाँ का होना अत्यंत आवश्यक है | किताब के विमोचन के अवसर पर महिला बाल विकास विभाग की निदेशक प्रतिभा सिंह, प्रदेश युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव हरपाल राणा, एंटी टेररिस्ट स्कॉड के एएसपी हिम्मत सिंह और बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण से सम्बंधित बाल संरक्षण अधिकारी बाल अधिकारिता विभाग कोटा दिनेश शर्मा, नोडल निदेशक चाइल्ड लाइन यज्ञ दत्त हाड़ा, चाइल्ड लाइन की सिटी कॉर्डिनेटर कल्पना प्रजापति, नाबार्ड के विजय निगम मौजूद रहे | इस मौके पर किताब की मुख्य लेखिका डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की यह किताब 5 वर्ष के शोध करने के बाद लिखी गई है जिसमे कोटा में अध्ययन करने आने वाले 6 बड़े कोचिंग संस्थानों के जो 9, 10, 11, 12 और पास आउट स्तर के 385 विद्यार्थियों पर अध्ययन किया गया | किताब लिखने का प्रमुख उद्देश्य कोटा में विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अध्यनरत विद्यार्थियों के तनाव के स्तर को उनकी शिक्षा के स्तर, उपलब्धियां, जेंडर, माता पिता का विद्यार्थी के जीवन पर प्रभाव, व्यक्तिगत कारण, कोचिंग और होस्टल वातावरण एवं साथियों आदि का विद्यार्थियों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना था | किताब में तनाव और विद्यार्थियों की आत्महत्या के प्रमुख कारण, विशेष रूप से कोटा में ही आकर कोचिंग करने के कारण और तनाव को दूर करने के तरीकों और कोचिंग, माता-पिता, हॉस्टल, व विद्यार्थियों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर तनाव को दूर करने के लिए सुझाव दिए गए है |
किताब में विद्यार्थी को तनाव से मुक्त करने के लिए भी विभिन्न आधारभूत सुझाव दिए गए जिसमे सबसे महत्वपूर्ण मोटिवेशनल किताबे पढ़ना, माता पिता द्वारा बच्चों पर किसी विशेष प्रोफेशन को चुनने का दबाव न बनाना, इंडियन एजुकेशन सिस्टम को सुधारना और विद्यार्थियों की मानसिक स्वास्थ्य को सुधारना | तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थी, अभिभावक, कोचिंग और हॉस्टल स्तर पर भी सुधारने के सुझाव दिए है | विद्यार्थियों के स्तर पर योगा, मैडिटेशन, पॉजिटिव थिंकिंग, तनाव को दूर करने के लिए स्वयं का तरीका अपनाना, पर्याप्त आराम और नींद लेना, हॉबी एक्टिविटीज से खुद को रिफ्रेश रखना, अपनी बातें, पॉजिटिव संगीत सुनना, भावनाएं, तनाव, शेयर करना, हेल्दी खाना खाना, अपनी योग्यता और सामर्थ्य के अनुरूप लक्ष्य और करियर का चयन करना और विषय चुनना, रिविजन के लिए निर्धारित समय और तरीका अपनाते हुए टाइम टेबल का अनुसरण करना, सोशल मिडिया से दूर रहना, नियमित रूप से हो रहे टेस्ट में भाग लेना, अनावश्यक किताबों के स्थान पर एन.सी.ई.आर.टी. की बुक्स को पढना, लगातार मिलने वाले फीडबैक को स्वीकार करके उसके अनुरूप अपने अन्दर सुधार करना, पहले की कठिन परिस्थिति में सफलतम क्षणों को याद करना आदि है

बच्चों के तनाव को दूर करने के लिए अच्छी किताबों का सर्जन जरुरी : मंत्री ममता भूपेश

