आर्ट ऑफ गिविंग लिविंग का अंग होना चाहिए: डॉ. निधि प्रजापति
दान देने ने जीवन में संतोष और समाज में सामाजिक सुरक्षा आती है: सोनी नेहलानी
कोटा में मनाई गई आर्ट ऑफ गिविंग की 10वीं वर्षगांठ
बच्चों की कला में दिखा आर्ट ऑफ गिविंग का महत्व

आर्ट ऑफ गिविंग लिविंग का अंग होना चाहिए: डॉ. निधि प्रजापति

कोटा में मनाई गई आर्ट ऑफ गिविंग की 10वीं वर्षगांठ
इस मौके पर आर्ट ऑफ गिविंग की कोटा समन्वयक डॉ. निधि प्रजापति ने बताया कि आर्ट ऑफ गिविंग लिविंग का अंग होना चाहिए।आर्ट ऑफ गिविंग मानवीय मिशन की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात समाजसेवी, शिक्षाविद्, कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी और कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के संस्थापक अच्युत सामंत द्वारा 2013 में आज ही के दिन की गई थी जो 1 लाख से अधिक आदिवासी बच्चों को नर्सरी से पी एच डी स्तर तक कि शिक्षा के साथ आवास हेल्थ केअर भी निःशुल्क प्रदान करते है । यह एक तरह का आंदोलन है जो सामाजिक सुरक्षा और सम्पनता के 3 एच हॉप, हैप्पीनेस और हारमनी के माध्यम से समाज में उदारता के माध्यम से दूसरों के लिए प्यार, शांति और खुशी और संतोष प्रदान करता है।

दान देने ने जीवन में संतोष और समाज में सामाजिक सुरक्षा आती है: सोनी नेहलानी
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वीमेन वेलफेयर आर्गेनाईजेशन की स्टेट प्रेसिडेंट सोनी नेहलानी ने बच्चों को बताया कि आर्ट ऑफ गिविंग हमारे लिविंग का अंग होना चाहिए क्योंकि इससे समाज के उन लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि, सम्पन्नता और सुरक्षा आती जो किसी वजह से जीवन के लिये आवश्यक सुख सुविधाओं से वांछित रह जाते है।

बच्चों की कला में दिखा आर्ट ऑफ गिविंग का महत्व

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 मई को मनाये जाने वाले आर्ट ऑफ गिविंग दिवस की 10 वीं वर्षगांठ पर

