- “ग्रीन ट्रिब्यूट टू कलाम”
- डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम सर्वधर्म सम्भाव की मिसाल थे : डॉ. निधि प्रजापति
- राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिकता और सद्भावना की मिसाल है अब्दुल कलाम: डॉ. निधि प्रजापति
- प्रतिवर्ष एक कल्पवृक्ष लगाकर किया जा रहा है धरती को कलाम के नाम से पवित्र |
- अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्व युगों में जन्म लेते है |
- कलाम जी की याद में प्रतिवर्ष एक मंदिर लगाया जाता है पवित्र कल्पवृक्ष |
- जगन्नाथ मंदिर में लगे अब्दुल कलाम अमर रहे के जय घोष |
- युवाओं को सपने देखने की कला सिखाई डॉ. कलाम ने सिखाई |
कोटा | 27 जुलाई 2022 | आज से 7 वर्ष पूर्व युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए शिलोंग में इस देश के ही नहीं अपितु विश्व के युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत, साइंटिस्ट, कर्मठ और आम इंसान के राष्ट्रपति मिसाइल मैन श्री डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का निधन हो गया था उन्ही की पुण्यतिथि के अवसर पर तमिलनाडु में स्थित हाउस ऑफ कलाम के आव्हान पर डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की सातवीं पुण्यतिथि पर सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल ट्रस्ट के द्वारा उड़िया बस्ती स्थित जगन्नाथ मंदिर में उनकी उम्र के अनुरूप 84 पौधे लगाए गए एवं मंदिर परिसर में अब्दुल कलाम वाटिका की स्थापना की गई | जिसमें कलाम जी के व्यक्तित्व को सार्थक करता हुआ एक कल्प वृक्ष भी लगाया गया | सोसाइटी की अध्यक्ष और हाउस ऑफ कलाम की सदस्या डॉ. निधि प्रजापति ने बताया की भारत में कल्पवृक्ष बहुत मुश्किल से पाया जाता है | कल्पवृक्ष का महत्त्व हिंदु, बौद्ध, जैन धर्म में विशेष है | ऐसे में उनकी पुण्यतिथि पर कल्पवृक्ष लगाने से बड़ा कोई सेवा कार्य नहीं हो सकता क्योंकि उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन में राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए भी पर्यावरण संरक्षण, जल और जमीन की सुरक्षा के लिए अद्भुद और अद्वितीय कार्य किये | मिसाइल के क्षेत्र में भारत को विश्व पहचान दिलाने का श्रेय डॉ. कलाम को ही जाता है | अब्दुल कलाम जी जैसे व्यक्तित्व का जन्म युगों में होता है, वे व्यावहारिक शिक्षा के आधुनिक प्रणेता थे उन्होंने सदैव विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज देने की बात कही | कलाम साहब चरित्रवान युवाओं के दिलों में बसते है उनका सम्पूर्ण जीवन प्रेरणादायक, अनुकरणीय व पूजनीय है | देश की युवा पीढ़ी उनके कदमों पर चले तो इस देश सूरत व सीरत दोनों में निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन आएगा | वृक्षारोपण कार्यक्रम की संयोजक रीना खंडेलवाल ने कल्पवृक्ष की विशेषताओं को बताते हुए कहा की कल्पवृक्ष की उत्पत्ति पौराणिक काल में समुद्र मंथन से हुई थी जो अदित्य, दुर्लभ, मनुष्य की सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाला और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला होता है तथा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भी उन्हीं गुणों से परिपूर्ण थे उन्होंने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित करके भारत को मिसाइल के क्षेत्र में सुपरपावर प्रदान दी | अध्यक्षता कर रही ज्योति भदोरिया ने बताया की अब प्रतिवर्ष कलाम जी पूण्यतिथि पर एक कल्पवृक्ष लगाया जाता है और आज तक लगाये गए 6 वृक्ष कोटा के चारों दिशाओं में फल फूल रहे है | उन्होंने युवाओं को सपने देखने की कला सिखाई और युवाओं को कहा की अपने सपने रात की जगह दिन में देखे ताकि वे बार बार आपको प्रेरित करते रहे राष्ट्र हित में कर्म करने के लिए | इस दौरान बस्ती की महिलाओं और बच्चों ने पौधे की देखभाल करने और कलाम वाटिका की रख रखाव की जिम्मेदारी लेते हुए कलाम जी अमर रहे, अब्दुल कलाम जिंदाबाद के नारे लगाये |
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- राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिकता और सद्भावना की मिसाल है अब्दुल कलाम: डॉ. निधि प्रजापति-SHE
- युवाओं को सपने देखने की कला सिखाई डॉ. कलाम ने सिखाई |-SHE
- अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्व युगों में जन्म लेते है |-SHE




