स्टेशनरी बैंक में नए अध्याय का प्रारंभ
जरूरतमंद बच्चों को संसाधन युक्त शिक्षा देने के उद्देश्य से सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा वीमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड, यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया, स्काउट गाइड, चाइल्डलाइन एवं नेहरु युवा केंद्र संगठन के सहयोग से संचालित स्टेशनरी बैंक के अंतर्गत बुधवार से एक अध्याय की शुरुआत हुई | प्रोजेक्ट डायरेक्टर निधि प्रजापति ने बताया की इसके अंतर्गत अब झुग्गी-झोपड़ी, सड़क किनारे रहने वाले उन विद्यार्थियों को भी स्टेशनरी प्रदान की जाएगी जो विद्यालय केवल इसीलिए नहीं जाते है क्योंकि उनके पास संसाधनों का आभाव है | सोनी नेहलानी ने बताया की स्टेशनरी के आभाव में बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे इसलिए ये कदम उठाया गया है | इसे विद्यार्थियों को उनकी उम्र के हिसाब से बेग, टिफ़िन, पानी की बोतल, पेन पेंसिल, स्केल, रबर, शार्पनर, कॉपियाँ, बॉक्स आदि सभी वस्तुएं दी जाएगी | इस अवसर पर यूनी कल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के ट्रस्टी गौरव भटनागर, वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड की जिला अध्यक्ष सुमन महेश्वरी, नेहरु युवा केंद्र संगठन के हरी शंकर प्रजापति एवं शी संस्था की हनी सक्सेना उपस्थित रही | किशन के पिता शंकर लाल ने कहा की अभी तक हमारे पास कोई संसाधन नहीं थे इसलिए बच्चे को स्कूल नहीं भेज सकते थे वही रामस्वरूप ने बताया की हम दिहाड़ी मजदूर कहा से शिक्षा के लिए आवश्यक वस्तुओं का खर्च उठाए, बच्चे कभी स्कूल नहीं भेजे क्योंकि हम घर को पलने के लिए काम करे या उनकी शिक्षा के लिए | ऐसे में अब प्राप्त स्टेशनरी से हम कम से कम बच्चों को विद्यालय तो भेज सकेंगे |
- स्टेशनरी बैंक


