कोरोना शहरी और ग्रामीण में अंतर नहीं करता ग्रामीणों के लिए तो स्थिति और खराब हो रही है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आते आते ही देरी होने के कारण कई मरीजों की मृत्यु हो जाती है | शोभा कँवर ने बताया की आज भी इन क्षेत्रों में लोग बिना मास्क के पांच से सात लोगों की मंडली लगाकर बैठते है दुकानों में दुकानदारों ने ही मास्क नहीं लगा रखे थे हमारी टीम के पूछने के बाद उन्होंने मास्क लगाये | नाबार्ड के अधिकारी विजय निगम ने बिना मास्क मिलने वाले लोगों के समूह को समझाया की कोरोना की तीसरी लहर में कैसे आप जैसे लोग ही अपने बच्चों और परिवार जन के लिए खतरा बन जायेगा और फिर जहाँ अभी तीसरा लॉकडाउन हमें झेलना पड रहा है उसकी आवृति और बढ़ जाएगी |
